खामोश!

किसी ने कहा था कि, उडता हुआ पंछी है तू, पिंजरे में न बंध पाएगा। किसी ने कहा था कि, नदी के नीर सा है तू, किसी किनारे पे न रुक पाएगा। आज उस किसी से, कहना चाहता हूँ, मैं कि, मुझे मेरा नीला गगन मिल गया, उस मे, मुझे मेरा विशाल समंदर मिल गया, … Continue reading खामोश!

अपना

घर अपनो का मिटा कर, तू अपना घर है बना रहा, सब्र रख थोड़ी देर भली, तेरा ही अपना, तेरा घर मिटाने है आ रहा। dark_anki Continue reading अपना

My Views

If you think your home isn’t much better, think again. If you think you can’t sleep because bed isn’t enough comfortable, think again. If you think food you ate, isn’t good, think again. If you think heroes are guys who are rich and powerful, think again. Heroes are the one, who survive in any condition, … Continue reading My Views