Winter

When all those actions,You took without,Realizing their consequences!Now when they are coming back,To home to you.You regret why!When did it all begin.Which particular moment was it? Was it the only thing I could do,At that moment,Or you just didn’t care about it much.When you didn’t even blink once,Before deciding, and did,What you shouldn’t have.Now having … Continue reading Winter

जिंदगी साइकल सी!

जिंदगी ये साइकल सी, चलते रहना, संभले रहना! कोई अपना मिलेगा, तो कोई अजनबी! मुस्करा कर सिर हिला देना, चलते रहना! सपनो के काले बादल, हैं भागे जा रहे, छोड़ हमे आगे आगे, तू पीछा करते रहना! कभी ठोकर खाए, तो कभी डगमगाए, पर तू न डरना! चलते रहना, पीछे मुड़ ना देखना! बिखर जाएं … Continue reading जिंदगी साइकल सी!

अपने !

समझ आया था जब, मुझे बचपन का मतलब, अब बड़े हो गए हो, बचपना छोड़ दो, अपनों ने तब कहा था! सीखा था मैंने जब, खुद को लिखना, ये क्या काग़ज़ और कलम लिए बैठे रहते हो, अपनों ने तब पूछा था! जीना सीखा ही था, अभी मैंने जिंदगी, जिम्मेदारी का बोझ भारी है काफी, … Continue reading अपने !

अनकहे अल्फ़ाज़!

सनसनाती कानो को चूमती हुई, इन हवाओं में जिक्र, यूँ है, कि कहीं दूर खुश है वो फिर, दिल को उसकी फिक्र क्यों है। बारिश की बूंदों में कैसी ये कशिश है, शक होता है कि कुछ तो इनकी रंजिश है, दो दिल मिलाने की नाकाम ये कोशिश है, दायर वो मोहब्बत-ए-दरख्वास्त, हुई खारिज है। … Continue reading अनकहे अल्फ़ाज़!

Hand full of light.

A hand full of lights, that’s what our existence is. Later or sooner everyone is going to be the stardust we always were. {A poem dedicted for people just like me} ए बन्दे तू क्यूं लिखता है? दर्द को अपने, कागज़ पे क्यों रिसता है! कभी कभी कोई ये सवाल, मुझ से करता है। ये … Continue reading Hand full of light.

दिल हाथों में लिए!

आज मै ठहरूंगा ! खड़ा रहूंगा सहने के लिए, तेरी वो छलनी बातें, जब तक इस दिल में, ताक़त है छलनी होने के लिए! पर है प्रिये इस बात का, ध्यान जरूर रखना की कहीं, दर्द के बहने के साथ साथ, नयनो के इस नीर के बहाव के साथ, कहीं बह न जाए, हमारा साथ! … Continue reading दिल हाथों में लिए!

The Little Bird

And that little bird, I was caressing for months, Came to learn how to fly, It broke my heart although, It’s my fault, that deep in my heart, I kept a expectation hidden beneath, Which couldn’t be digged since yet, That she will not leave me alone. Although I saw it clearly, That one day … Continue reading The Little Bird